Skip to Content

2 Inch Ardhnareshwar Narmadeshwar Shivling with 4 Inch Black Damru Jaladhari & Golden Naag


2 इंच अर्धनारीश्वर नर्मदेश्वर शिवलिंग, 4 इंच डमरू जलाधारी एवं स्वर्णिम नाग के साथ

अर्धनारीश्वर नर्मदेश्वर शिवलिंग का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती के संयुक्त स्वरूप को अर्धनारीश्वर कहा जाता है। यह दिव्य स्वरूप शिव और शक्ति की एकता, सृष्टि के संतुलन, प्रेम और समानता का प्रतीक माना जाता है।

माँ नर्मदा नदी से प्राप्त प्राकृतिक नर्मदेश्वर शिवलिंग का भगवान शिव की आराधना में विशेष धार्मिक महत्व है।

हरिशंकर शिवलिंग आर्ट द्वारा प्रस्तुत यह 2 इंच का अर्धनारीश्वर नर्मदेश्वर शिवलिंग अपने सुंदर लाल और सफेद रंग के प्राकृतिक स्वरूप के कारण विशेष आकर्षण रखता है।

इस शिवलिंग का एक भाग लाल तथा दूसरा भाग सफेद दिखाई देता है। इस दो रंगों वाली आकृति को श्रद्धालु भगवान शिव और माता पार्वती के संयुक्त अर्धनारीश्वर स्वरूप से जोड़कर देखते हैं।

इसके साथ 4 इंच की काले रंग की डमरू जलाधारी एवं सुंदर स्वर्णिम नाग दिया गया है, जो इस संपूर्ण पूजा सेट को पारंपरिक एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करता है।

अर्धनारीश्वर शिवलिंग क्या होता है?

अर्धनारीश्वर भगवान शिव का वह दिव्य स्वरूप है जिसमें आधा भाग भगवान शिव तथा आधा भाग माता पार्वती का होता है।

इस स्वरूप का धार्मिक संदेश है कि शिव और शक्ति एक-दूसरे के पूरक हैं तथा दोनों के संयुक्त स्वरूप से ही सृष्टि का संचालन होता है।

इस नर्मदेश्वर शिवलिंग पर दिखाई देने वाले लाल और सफेद रंग को अर्धनारीश्वर स्वरूप के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अर्धनारीश्वर भगवान की पूजा दांपत्य जीवन में प्रेम, आपसी समझ, पारिवारिक एकता और सुख-शांति की कामना से की जाती है।

डमरू जलाधारी का धार्मिक महत्व

इस अर्धनारीश्वर नर्मदेश्वर शिवलिंग के साथ 4 इंच की काले रंग की डमरू जलाधारी दी गई है।

डमरू जलाधारी का आकार भगवान शिव के डमरू की आकृति से मिलता-जुलता है। इसकी ऊँची गोलाकार पीठिका शिवलिंग को सुंदर एवं स्थिर आधार प्रदान करती है।

जलाधारी को धार्मिक भाषा में पीठिका अथवा योनि पीठ भी कहा जाता है।

शिवलिंग और जलाधारी का संयुक्त स्वरूप शिव और शक्ति की एकता का प्रतीक माना जाता है।

डमरू जलाधारी की विशेषताएँ:

  • शिवलिंग को स्थिर एवं ऊँचा आधार प्रदान करती है।

  • शिवलिंग पर अर्पित जल एवं अभिषेक द्रव्यों को बाहर प्रवाहित करने में सहायता करती है।

  • इसका पारंपरिक डमरू आकार पूजा मंदिर की सुंदरता बढ़ाता है।

  • शिव और शक्ति के संयुक्त स्वरूप का प्रतीक मानी जाती है।

  • घर के छोटे पूजा मंदिर में स्थापित करने के लिए उपयुक्त है।

शिवलिंग के साथ नाग क्यों रखा जाता है?

भगवान शिव के गले में नागराज वासुकि विराजमान माने जाते हैं। नाग भगवान शिव के दिव्य स्वरूप से जुड़ा एक महत्वपूर्ण धार्मिक प्रतीक है।

हिंदू धार्मिक परंपराओं में नाग को शक्ति, सुरक्षा, सतर्कता और निर्भयता का प्रतीक माना जाता है।

इस अर्धनारीश्वर शिवलिंग के साथ दिया गया स्वर्णिम नाग शिवलिंग के चारों ओर सुंदर रूप में स्थापित है।

नाग का धार्मिक महत्व:

  • नाग भगवान शिव के पारंपरिक स्वरूप का प्रतीक है।

  • इसे सुरक्षा एवं निर्भयता से जोड़ा जाता है।

  • योग परंपरा में सर्प को कुंडलिनी शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

  • शिवलिंग के साथ नाग रखने से पूजा सेट का धार्मिक एवं पारंपरिक स्वरूप पूर्ण दिखाई देता है।

घर में अर्धनारीश्वर नर्मदेश्वर शिवलिंग रखने से क्या होता है?

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अर्धनारीश्वर भगवान की पूजा परिवार में प्रेम, संतुलन और सुख-शांति की कामना से की जाती है।

1. दांपत्य जीवन में प्रेम: अर्धनारीश्वर स्वरूप पति-पत्नी के बीच प्रेम, सम्मान और आपसी समझ का प्रतीक माना जाता है।

2. पारिवारिक एकता: भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त आराधना परिवार में सद्भाव और एकता बनाए रखने की प्रेरणा देती है।

3. सुख-शांति: नियमित शिव पूजा और मंत्र जाप से घर में भक्तिमय एवं शांतिपूर्ण वातावरण बनता है।

4. सकारात्मक विचार: भगवान शिव का ध्यान मन को एकाग्र करने और सकारात्मक विचार विकसित करने में सहायक हो सकता है।

5. शिव-शक्ति की आराधना: अर्धनारीश्वर स्वरूप की पूजा भगवान शिव और माता पार्वती के संयुक्त दिव्य स्वरूप के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का माध्यम है।

अर्धनारीश्वर नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा कैसे करें?

  1. शिवलिंग को स्वच्छ पूजा स्थान पर डमरू जलाधारी के साथ स्थापित करें।

  2. भगवान शिव एवं माता पार्वती का ध्यान करें।

  3. शिवलिंग पर स्वच्छ जल अर्पित करके अभिषेक करें।

  4. अपनी परंपरा के अनुसार दूध अथवा पंचामृत से अभिषेक कर सकते हैं।

  5. भगवान शिव को बेलपत्र, पुष्प एवं चंदन अर्पित करें।

  6. ॐ नमः शिवाय मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।

  7. भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करके परिवार के सुख, शांति और कल्याण की प्रार्थना करें।

उत्पाद की विशेषताएँ (Product Details)

  • Product Name: Ardhnareshwar Narmadeshwar Shivling Set

  • Shivling Height: 2 Inches

  • Jaladhari Size: 4 Inches

  • Shivling Type: Natural Ardhnareshwar Narmadeshwar Shivling

  • Shivling Colour: Natural Red & White

  • Jaladhari Type: Damru Jaladhari

  • Jaladhari Colour: Black

  • Naag: Golden Colour Decorative Naag

  • Suitable For: Home Temple, Daily Shiva Puja, Jalabhishek, Meditation & Religious Gifting

  • Brand: Harishankar Shivling Art

हरिशंकर शिवलिंग आर्ट से अर्धनारीश्वर नर्मदेश्वर शिवलिंग क्यों खरीदें?

Harishankar Shivling Art माँ नर्मदा से जुड़े प्राकृतिक नर्मदेश्वर शिवलिंग एवं भगवान शिव की पूजा से संबंधित पारंपरिक सामग्री के लिए समर्पित है।

हमारा उद्देश्य नर्मदेश्वर शिवलिंग की धार्मिक परंपरा एवं आध्यात्मिक महत्व को देश-विदेश के शिवभक्तों तक पहुँचाना है।

यह 2 इंच का लाल-सफेद अर्धनारीश्वर नर्मदेश्वर शिवलिंग, 4 इंच की काले रंग की डमरू जलाधारी और स्वर्णिम नाग के साथ घर के पूजा मंदिर, दैनिक शिव आराधना तथा धार्मिक उपहार के लिए एक सुंदर विकल्प है।

हरिशंकर शिवलिंग आर्ट – माँ नर्मदा की पवित्र धरा से आपके पूजा मंदिर तक।

₹ 1,500.00 ₹ 1,500.00
Invalid email